CM भगवंत मान बोले- अकाल तख्त की सर्वोच्चता को नमन
अमृतसर, 28 जून (स्टेट हेडलाइंस)। श्री अकाल तख्त साहिब पर सोमवार को पेश होने के बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया है कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जिन AAP मंत्रियों और विधायकों को तलब किया गया है, वे सभी निर्धारित समय पर पेश होंगे और अपना-अपना लिखित जवाब सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता का पूरा सम्मान करती है और उसके आदेशों का पालन करेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होने के लिए नहीं बुलाया गया है, इसलिए सरकार की ओर से संबंधित मंत्री और विधायक अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने बताया कि पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां भी प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद रहेंगे।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहले भी जब उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब बुलाया गया था, तब उन्होंने राष्ट्रपति के कार्यक्रम को छोड़कर वहां पहुंचकर सम्मान प्रकट किया था। उन्होंने दोहराया कि श्री अकाल तख्त साहिब के साथ टकराव का सवाल ही नहीं उठता और उनकी सरकार हमेशा धार्मिक संस्थाओं का सम्मान करती आई है।
फर्जी वीडियो पर भी भेजेंगे जवाब
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस कथित वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हुआ है, उसमें वह मौजूद नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी ने मास्क लगाकर उनका फर्जी वीडियो तैयार किया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पूरी जानकारी और संबंधित पत्र भी श्री अकाल तख्त साहिब को भेजा जाएगा, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
भगवंत मान ने कहा कि उन्होंने पहले भी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया था कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं।
SGPC के अधिकारों का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस दौरान कुछ धार्मिक संगठनों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज कुछ लोग गुरुद्वारों के बाहर बोर्ड लगाकर श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों का हवाला दे रहे हैं, लेकिन जब अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल को धार्मिक सजा सुनाई गई थी, तब ऐसी सक्रियता क्यों नहीं दिखाई गई।
उन्होंने कहा कि पंथक इकट्ठ बुलाने का अधिकार केवल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के पास है और SGPC जब उचित समझे, तब ऐसी बैठक बुला सकती है। किसी अन्य संगठन को इस अधिकार का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।
राजनीतिक और धार्मिक हलकों की नजरें टिकीं
AAP के मंत्रियों और विधायकों की श्री अकाल तख्त साहिब में पेशी को लेकर पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि संबंधित नेताओं के लिखित जवाब पर श्री अकाल तख्त साहिब क्या फैसला सुनाता है और उसके बाद प्रदेश की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।
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