GST की पहली तिमाही में 7,833 करोड़ का संग्रह : हरपाल सिंह चीमा
चंडीगढ़, 1 जुलाई, (ध्रुव चावला)। पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि राज्य ने अप्रैल-जून तिमाही में 7,833.45 करोड़ की GST वसूली की, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 24.45 प्रतिशत अधिक है।
वित्त मंत्री के अनुसार, इस अवधि में कारोबार को प्रोत्साहित करने के लिए 1,270 करोड़ का GST रिफंड भी जारी किया गया, जिससे व्यापारिक गतिविधियों और बाजार में नकदी प्रवाह को बढ़ावा मिला।
S GST की नकद वृद्धि राष्ट्रीय औसत से तीन गुना
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब ने 9 प्रतिशत SGST नकद वृद्धि दर हासिल की है, जबकि राष्ट्रीय औसत लगभग 3 प्रतिशत रहा। उन्होंने इसे करदाताओं के बढ़ते विश्वास, बेहतर कर अनुपालन और तकनीक आधारित प्रशासन का परिणाम बताया।
GST : पिछले वर्ष की तुलना में 1,538 करोड़ अधिक वसूली
सरकार के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में राज्य ने 6,294.57 करोड़ GST संग्रह किया था, जबकि इस वर्ष यह बढ़कर 7,833.45 करोड़ हो गया। यानी कुल 1,538.88 करोड़ की अतिरिक्त वसूली हुई।
इसके अलावा, वैट और CST संग्रह में भी 242 करोड़ से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
GST टैक्स चोरी पर सख्त कार्रवाई
वित्त मंत्री ने बताया कि कर चोरी के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के दौरान पहली तिमाही में 633 करोड़ का जुर्माना लगाया और वसूला गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 207 करोड़ की तुलना में 207 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने बताया कि केवल जून 2026 में ही 225 करोड़ का जुर्माना लगाया गया तथा फर्जी बिलिंग और फर्जी GST पंजीकरण से जुड़े मामलों में 20 एफआईआर दर्ज की गईं।
वैट बकाया वसूली में भी तेजी
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि विभाग ने पुराने वैट बकाया की वसूली के लिए संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की, जिसके माध्यम से लगभग 14 करोड़ की राशि वसूल की गई।
ईमानदार करदाताओं को समय पर रिफंड
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ईमानदार करदाताओं को समय पर रिफंड देने के लिए प्रतिबद्ध है। जारी किए गए 1,270 करोड़ के कुल GST रिफंड में 713.70 करोड़ राज्य GST (SGST) हिस्से के थे।
उन्होंने कहा कि विभाग की नीति स्पष्ट है - ईमानदार करदाताओं को सुविधा और टैक्स चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई। इसी संतुलित नीति के तहत पारदर्शी प्रशासन, सरल प्रक्रियाओं और समयबद्ध रिफंड की व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी।
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