पंजाब

Old Pension Scheme: कर्मचारी संघर्षों पर प्रतिबंध लगाना गलत

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5 नवंबर को संगरूर की जाएगी पेंशन प्राप्ति रैली

दी स्टेट हेडलाइंस
पटियाला
पंजाब सरकार ने पुरानी पेंशन (Old Pension Scheme) को असल में लागू करने की बजाय विभिन्न स्तर की कमेटियां बना दी हैं और पिछले एक साल से पुरानी पेंशन के लिए एसओपी बनाने के नाम पर एनपीएस कर्मचारियों को गुमराह किया जा रहा है। दूसरी तरफ राजनीतिक तौर पर अन्य राज्यों में लाभ, पंजाब में कथित पुरानी पेंशन बहाली का झूठा प्रचार किया जा रहा है। पुरानी पेंशन प्राप्ति फ्रंट ने आप सरकार की दोहरी राजनीति को उजागर करने के लिए संघर्ष के माध्यम से सरकार को घेरने का निर्णय लिया गया। old pension scheme in punjab

फ्रंट की राज्य कमेटी ने एस्मा एक्ट के जरिए कर्मचारी संघर्षों पर प्रतिबंध लगाने की कड़ी निंदा की।पीपीपीएफ फ्रंट द्वारा राज्य कमेटी की बैठक की जानकारी साझा करते हुए अतिंदर पाल सिंह, गुरबिंदर खैरा, इंदर सुखदीप सिंह ओधरा और जसवीर भम्मा ने कहा कि मोर्चा 5 नवंबर को संगरूर में “पेंशन प्राप्ति रैली” जरिए पेंशन के मुद्दे पर सरकार को घेरा जाएगा। इस रैली की तैयारी हेतु सितम्बर माह में जिला कमेटी की बैठकें आयोजित कर अक्टूबर माह के अंत तक जिला स्तरीय विस्तार बैठकों, सम्मेलनों एवं कैबिनेट मंत्रियों/विधायकों के कार्यालयों/आवासों के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। old pension scheme news

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आप सरकार पिछले एक साल से पेंशन कानून नहीं बना सकी (old pension scheme)

फ्रंट के अगुओ ने कहा कि जहां हिमाचल सरकार ने 1 अप्रैल से एनपीएस कटौती बंद करने के बाद कर्मचारियों के जीपीएफ खाते खोलकर पुरानी पेंशन भी लागू कर दी है, वहीं बदलाव का दावा करने वाली आप सरकार पिछले एक साल से पेंशन कानून नहीं बना सकी।  उन्होंने ने कहा कि जून माह में पंजाब सरकार द्वारा हिमाचल, छत्तीसगढ़, राजस्थान आदि में लागू हुई पुराने पेंशन मॉडल को देखने के लिए भेजी गई अधिकारियों की टीमों की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई। वित्त मंत्री पुरानी पेंशन करेंगे के रटन मंत्र वाले बयान से समय गुजार रहे हैं। ESMA Act

फ्रंट आगू जसविंदर औजला, सतपाल समनवी, रमन सिंगला, दलजीत सफीपुर ने आशंका जताई कि जिस तरह सेवाओं को नियमित करने के लिए कच्चे अध्यापकों के वेतन में बढ़ोतरी की घोषणा की गई, उसी तरह पुरानी पेंशन के नाम पर कर्मचारियों पर कोई भी कच्चा आवास मॉडल थोपा जा सकता है। पिछले साल नवंबर में जारी ‘कागजी अधिसूचना’ के लगभग एक साल बाद भी कर्मचारियों की एनपीएस कटौती जारी है, किसी भी एनपीएस कर्मचारी का जीपीएफ खाता न खुलना और नई भर्ती वाले कर्मचारियों को नई पेंशन योजना के तहत भर्ती करना भी मोर्चे की चिंताओं की पुष्टि करता है। बैठक में प्रदेश सलाहकार विक्रम देव सिंह के अलावा गुरजिंदर मंझपुर, जगजीत सिंह, सुरिंदर बिलापट्टी, अमरजीत सिंह, कंवरपाल सिंह, मंजीत सिंह, सुखजिंदर सिंह आदि मौजूद रहे।

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Rajesh Sachdeva

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