Punjab Ration Card 2026 : पंजाब में बनेंगे 10 लाख नए राशन कार्ड
22 जुलाई से आवेदन शुरू, हर कोई कर पाएगा अप्लाई
चंडीगढ़, 21 जुलाई, (ध्रुव)। पंजाब के लोगों के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। पंजाब सरकार राज्य में 10 लाख नए राशन कार्ड (Punjab Ration Card 2026) जारी करेगी। नए राशन कार्ड बनवाने और मौजूदा राशन कार्ड में परिवार के नए सदस्यों के नाम जोड़ने के लिए 22 जुलाई से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में ‘न कैश, न सिफारिश’ के सिद्धांत का पालन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नए राशन कार्ड जारी (Punjab Ration Card 2026) करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित होगी। कुल 10 लाख राशन कार्डों में से 7 लाख नए पात्र लाभार्थी परिवारों को शामिल किया जाएगा, जबकि 3 लाख ई-श्रम पंजीकृत और प्रवासी मजदूरों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के दायरे में लाया जाएगा।
Punjab Ration Card 2026: 22 जुलाई से शुरू होंगे राशन कार्ड के लिए आवेदन
मुख्यमंत्री ने बताया कि नए राशन कार्ड बनवाने के अलावा मौजूदा राशन कार्ड में परिवार के नए सदस्यों के नाम भी जोड़े जा सकेंगे। पात्र लोग ऑनलाइन, सेवा केंद्रों, कॉमन सर्विस सेंटरों (CSC) या जिला खाद्य कार्यालयों के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। आवेदन का लिंक खाद्य विभाग की वेबसाइट के होम पेज पर उपलब्ध करवाया जाएगा।
आवेदन करने वाले व्यक्ति को एसएमएस के माध्यम से रसीद प्राप्त होगी और वह अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन भी देख सकेगा।
‘न कैश, न सिफारिश’ के आधार पर जारी होंगे राशन कार्ड
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि Punjab Ration Card 2026 अभियान में किसी भी तरह की सिफारिश, रिश्वत या बिचौलियों की भूमिका नहीं होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदक का मूल्यांकन एक समान, पारदर्शी और डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राशन कार्ड का लाभ केवल वास्तविक और पात्र परिवारों तक पहुंचे तथा किसी भी प्रकार का राजनीतिक या अन्य प्रभाव इस प्रक्रिया को प्रभावित न कर सके।
Punjab Ration Card 2026 : विधवाओं और दिव्यांगों को मिलेगी प्राथमिकता
सरकार की ओर से राशन कार्ड जारी करने के लिए पात्र लाभार्थियों की प्राथमिकता तय करने के लिए अंक-आधारित प्रणाली अपनाई जाएगी। इसमें विधवाओं, दिव्यांग व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों, गंभीर बीमारी से प्रभावित परिवारों, कच्चे मकानों में रहने वाले और कम आय वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
5 किलो गेहूं के साथ मिलेगी ‘मेरी रसोई पौष्टिक किट’
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रत्येक नए पात्र लाभार्थी को 5 किलोग्राम गेहूं के साथ ‘मेरी रसोई पौष्टिक किट’ भी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पंजाब में ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत पहले से ही 32 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।
सरकार का दावा है कि इस पहल के माध्यम से प्रदेश में खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ पोषण सुरक्षा को भी मजबूत किया जाएगा।
Punjab Ration Card 2026 : डिजिटल वेरिफिकेशन से होगी पात्रता की जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया में डिजिटल सत्यापन और ऑनलाइन ट्रैकिंग को प्रमुखता दी जाएगी। आवेदनों की जांच के लिए अंक-आधारित मूल्यांकन प्रणाली अपनाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि पात्रता की जांच के लिए घर-घर सत्यापन, जियो-टैग और टाइम-स्टैम्प आधारित निरीक्षण के साथ सरकारी डाटाबेस के माध्यम से एपीआई आधारित सत्यापन किया जाएगा। प्रत्येक आवेदन की मंजूरी या अस्वीकृति का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
पिछली सरकारों पर भगवंत मान का निशाना
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पहले राजनीतिक संरक्षण के आधार पर राशन कार्ड बनाए जाते थे और जरूरतमंद परिवार कई बार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते थे।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने राजनीतिक पक्षपात की जगह पारदर्शी व्यवस्था को अपनाया है। सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र परिवार को बिना रिश्वत और बिना सिफारिश के उसका अधिकार मिले।
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