Punjab School Attendance System : अब नहीं चलेगा बंक, ऑनलाइन हाजिरी लगेगी और पेरेंट्स को जाएगा SMS
पंजाब की शिक्षा में बड़ा बदलाव: मिशन समर्थ 2026-27 लॉन्च
चंडीगढ़, 9 अप्रैल (सुनील कुमार )। पंजाब सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाते हुए मिशन समर्थ 2026-27 (Punjab School Attendance System) की शुरुआत कर दी है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस कार्यक्रम को लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य राज्य की शिक्षा प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर से आगे बढ़ाकर वैश्विक उत्कृष्टता तक पहुंचाना है।
इस पहल के साथ ही अब स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। अभिभावकों को रोजाना SMS के जरिए उनके बच्चों की उपस्थिति की जानकारी मिलेगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।
Punjab School Attendance System व क्या है मिशन समर्थ 2026-27 ?
मिशन समर्थ एक राज्यव्यापी शिक्षा सुधार कार्यक्रम है, जो बच्चों की बुनियादी शिक्षा पढ़ना, लिखना और गणितको मजबूत करने पर केंद्रित है। यह कार्यक्रम पहले से चल रहे मिशन समर्थ के नए चरण के रूप में लागू किया गया है।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इसे “पंजाब की शिक्षा क्रांति का अगला चरण” बताते हुए कहा कि अब फोकस केवल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बल्कि सीखने के नतीजों पर भी है।
अब SMS से होगी बच्चों की उपस्थिति ट्रैकिंग
नई प्रणाली के तहत:
- हर दिन अभिभावकों को बच्चे की उपस्थिति का SMS मिलेगा
- अनुपस्थित रहने पर तुरंत सूचना दी जाएगी
- 7 दिन अनुपस्थिति पर जिला स्तर से संपर्क
- 15 दिन अनुपस्थिति पर राज्य स्तर से हस्तक्षेप
इस कदम से बच्चों की नियमित उपस्थिति और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की जाएंगी।
शिक्षा बजट में बड़ा इजाफा
शिक्षा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शिक्षा बजट को 12,657 करोड़ से बढ़ाकर 19,279 करोड़ रुपए कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि अब फंड फाइलों में नहीं अटकते, बल्कि सीधे स्कूलों तक पहुंचते हैं, जिससे बुनियादी ढांचे और सुविधाओं में तेजी से सुधार हुआ है।
Punjab School Attendance System : स्कूलों में क्या-क्या बदला?
- बड़े स्कूलों में कैंपस मैनेजर की नियुक्ति
- 100+ छात्रों वाले स्कूलों में सुरक्षा गार्ड और सफाई स्टाफ
- समय पर मुफ्त पाठ्य-पुस्तकों की उपलब्धता
- गतिविधि-आधारित शिक्षण पर जोर
38 बेहतरीन क्लासरूम प्रैक्टिसेज जारी
कार्यक्रम के दौरान मिशन समर्थ कंपेंडियम भी जारी किया गया, जिसमें शिक्षकों द्वारा विकसित 38 उत्कृष्ट क्लासरूम अभ्यासों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य इन तरीकों को पूरे राज्य में लागू कर सीखने के स्तर को तेजी से सुधारना है।
‘परख’ सर्वे में पंजाब नंबर-1
मिशन समर्थ की सफलता का असर राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखा है। ‘परख’ सर्वे 2024 में पंजाब देश में शीर्ष स्थान पर रहा।
मंत्री बैंस के अनुसार:
- तीसरी कक्षा के नतीजे राष्ट्रीय औसत से 18% बेहतर
- छठी कक्षा के नतीजे 26-28% तक बेहतर
मनीष सिसोदिया का बड़ा बयान
मनीष सिसोदिया ने कहा कि देश भर में लोग शिक्षा मंत्रियों, प्रधानमंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के भाषण पढ़ते हैं। लेकिन सिर्फ भाषण जिंदगियां नहीं बदलते, यह सिर्फ कामों से बदली जा सकती हैं। कामों में लगे अभिभावकों को एक साधारण संदेश मिलता है: ‘आपका बच्चा सुरक्षित रूप से स्कूल पहुंच गया है।’ यह जवाबदेही वास्तविक समय का भरोसा है और हजारों बयानों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।”
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