Sarpanchs को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किया बड़ा ऐलान
बठिंडा, 24 जून: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के सभी सरपंचों (Sarpanchs) का मासिक मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने का ऐलान किया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 15 अगस्त 2026 से लागू होगा।
बठिंडा में आयोजित ‘सरपंच मिलनी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरपंच गांवों की सेवा दिन-रात करते हैं और अपने योगदान के लिए सम्मानजनक मानदेय के हकदार हैं। उन्होंने कहा कि जब गांव तरक्की करेंगे तभी पंजाब तरक्की करेगा।
पंचायतें लोकतंत्र की पहली सीढ़ी: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतें लोकतंत्र की बुनियाद हैं और Sarpanchs सरकार तथा गांवों के बीच मजबूत कड़ी का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की लगभग 70 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है, इसलिए पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में सरपंच और पंच अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी सरपंचों से गांवों के विकास और लोगों की भलाई के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने की अपील की।
फंडों की नहीं होगी कोई कमी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण विकास परियोजनाओं के लिए सरकार के पास पर्याप्त फंड उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि पंचायतों को मिलने वाली ग्रांट का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए और टैक्सदाताओं के एक-एक रुपये का सही इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने Sarpanchs को चेतावनी देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की गुटबाजी या राजनीतिक हस्तक्षेप से बचना चाहिए। गांव के विकास को प्राथमिकता बनाकर सभी वर्गों को साथ लेकर चलना समय की जरूरत है।
नशामुक्त और विकसित गांव बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरपंचों से गांवों को नशामुक्त बनाने, युवाओं को नशे से बचाने और सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गांवों को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी, स्कूल, सोलर लाइट और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता देकर गांवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
पिछली सरकारों पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने सरपंचों को उचित मानदेय देने के वादे किए लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पहले सरपंचों के लिए 2,000 रुपये मासिक मानदेय सुनिश्चित किया और अब इसे बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति माह किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गांवों की ग्रांटों में भ्रष्टाचार और कट मनी की शिकायतें आती थीं, लेकिन वर्तमान सरकार पारदर्शी व्यवस्था के जरिए विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है।
रंगला पंजाब बनाने में Sarpanchs की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ईमानदार और समर्पित सरपंच गांवों के विकास की रीढ़ होते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पंजाब के गांवों का व्यापक कायाकल्प देखने को मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई तस्वीर सामने आएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांवों के सर्वांगीण विकास, ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और लोगों की खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए सरपंचों को हर संभव सहयोग देती रहेगी।
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