पंजाब

War Against Drugs अभियान को मानसिक स्वास्थ्य फेलोज़ से नई ताकत

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War Against Drugs campaign gets a boost from mental health fellows
War Against Drugs campaign gets a boost from mental health fellows

चंडीगढ़, 30 जुलाई (ध्रुव)। पंजाब सरकार के War Against Drugs अभियान को मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशिक्षित युवा पेशेवरों के नेटवर्क से नई मजबूती मिल रही है। नशे की समस्या से निपटने के लिए पंजाब सरकार की ओर से शुरू किए गए Leadership in Mental Health Program (LMHP) के पहले बैच के 13 फेलो इस समय राज्यभर में मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति सेवाओं को मजबूत करने में जुटे हैं।

सरकार अब इस कार्यक्रम के दूसरे बैच के लिए आवेदन प्रक्रिया अगस्त 2026 की शुरुआत में शुरू करने जा रही है। दूसरे बैच में 10 फेलो और 7 सीनियर एसोसिएट चुने जाएंगे। इसका उद्देश्य पंजाब के सभी 23 जिलों में प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों का मजबूत नेटवर्क तैयार करना है।

War Against Drugs : नशा मुक्ति में मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस

पंजाब सरकार ने फरवरी 2026 में नशे के खिलाफ देश की पहली ऐसी फेलोशिप के रूप में LMHP की शुरुआत की थी। कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य, नशा रोकथाम और पुनर्वास के क्षेत्र में सक्षम नेतृत्व तैयार करना है।

पहले बैच के फेलो मनोविज्ञान, जनस्वास्थ्य और सामाजिक कार्य जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं। चयन के बाद उन्हें मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक सहयोग, रिलैप्स प्रिवेंशन, कार्यक्रम प्रबंधन, समुदाय आधारित रिहैबिलिटेशन और नेतृत्व क्षमता से जुड़े विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।

इस कार्यक्रम का प्रशिक्षण और ज्ञान सहयोगी टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS), मुंबई है।

23 जिलों में तैयार होगा मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों का नेटवर्क

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन चलने वाला LMHP राज्य की Data Intelligence and Technical Support Unit (DITSU) के सहयोग से काम कर रहा है। कार्यक्रम के तहत फेलोज़ जिला अस्पतालों, नशा मुक्ति केंद्रों और रिहैबिलिटेशन सेवाओं के साथ काम करते हुए नशे की समस्या को केवल व्यक्तिगत बीमारी के बजाय सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य चुनौती के रूप में समझने का अनुभव हासिल कर रहे हैं।

फेलोज़ की जिम्मेदारियों में परिवारों से संवाद, मरीजों को उपचार से जोड़ना, पारिवारिक संकट कम करना, दोबारा नशे की ओर लौटने से रोकना और उपचार के बाद निरंतर देखभाल सुनिश्चित करना शामिल है।

War Against Drugs सिर्फ कार्रवाई नहीं, पुनर्वास भी: डॉ. बलबीर सिंह

पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि ‘War Against Drugs अभियान का उद्देश्य केवल नशे की सप्लाई और तस्करी पर रोक लगाना नहीं है, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों को सम्मान के साथ सामान्य जीवन में वापस लाना भी है।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में कानूनी कार्रवाई, उपचार और रोकथाम तीनों को मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था और सामुदायिक सहयोग के साथ आगे बढ़ाना जरूरी है। मंत्री ने कहा कि नशे की लत एक दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्या है, जिसके लिए लगातार देखभाल और सहयोग की आवश्यकता होती है। ऐसे में LMHP फेलोज़ परिवारों को उपचार प्रक्रिया से जोड़ने, सामाजिक बदनामी कम करने और नशामुक्ति के बाद भी मरीजों की देखभाल जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

War Against Drugs : स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में भी भूमिका

LMHP के पहले बैच के फेलोज़ केवल जिला स्तर पर मरीजों और परिवारों के साथ काम नहीं कर रहे, बल्कि स्वास्थ्यकर्मियों को सहयोग देने और नशा मुक्ति सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर बनाने में भी योगदान दे रहे हैं।

पंजाब सरकार का कहना है कि नशे के खिलाफ प्रभावी लड़ाई के लिए केवल आपूर्ति रोकना पर्याप्त नहीं है। इसके साथ मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करना, परिवारों को जोड़ना, समुदाय की भागीदारी बढ़ाना और नशे से प्रभावित लोगों को संवेदनशीलता के साथ नई जिंदगी की ओर लौटाना भी जरूरी है।

अगस्त की शुरुआत में LMHP के दूसरे बैच के लिए आवेदन शुरू होने के बाद 10 फेलो और 7 सीनियर एसोसिएट के चयन से राज्य के 23 जिलों में मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।

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Rajesh Sachdeva

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