पंजाब

किराए पर Antim Sanskar, रोने के लिए मिलेंगी महिलाएं

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Antim Sanskar
Antim Sanskar

-- एनआरआई करवा रहे हैं बुकिंग, माता-पिता के Antim Sanskar में नहीं हो पा रहे हैं शामिल

दी स्टेट हैडलाइंस
चंडीगढ़।
स्विग्गी-जोमैटो से घर पर खाना मंगवाना तो आजकल आम सी बात हो गई है परंतु अब प्राइवेट कंपनियों से अपने रिश्तेदारों और माता-पिता का Antim Sanskar करवाना भी शुरू हो गया है। यहां तक कि अगर आप अपने ही किसी रिश्तेदार की मौत पर रोना नहीं चाहते हैं तो आपको किराए पर रोने वाले तक मिल रहे हैं। पिता या फिर माता की मौत होने पर पुत्र मुंडन नहीं करवाना चाहता है तो मुंडन करवाने वाले भी किराए पर मिल रहे हैं।

कुछ ऐसा ही कल्चर आप भारत में शुरू हो गया है यह सिर्फ कल्चर ही नहीं बल्कि लाखों करोड़ों रुपए का कारोबार भी बनता नजर आ रहा है हालत तो ऐसे हैं कि इस कारोबार से सिर्फ Antim Sanskar से लेकर रोने धोने तक के लिए ही लाखों रुपए कमाए जा रहे हैं और इस मामले में सबसे ज्यादा एनआरआई ही पैसा खर्च कर रहे हैं जो कि वह देश में होने के चलते अपने माता-पिता या फिर रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने के चलते इन कंपनियों से संपर्क करते हुए लाखों रुपए खर्च कर रहे हैं।

हालांकि अभी तक यह है कल्चर पंजाब तक नहीं पहुंचा है। परंतु जिस तरीके से पंजाब से नौजवान विदेश में जा रहे हैं और रिश्तेदार की मौत होने पर वह पहुंच भी नहीं पा रहे हैं तो वह दिन दूर नहीं जब पंजाब में भी प्राइवेट कंपनियों से अंतिम संस्कार करवाने जैसा कल्चर पहुंच जाएगा।

Antim Sanskar : सवा लाख रुपए में मिलेगा 13 दिन का पैकेज

Antim Sanskar से लेकर भोग तक की रस्मों को करने के लिए प्राइवेट कंपनी द्वारा सवा लाख रुपए तक का पैकेज दिया जा रहा है। जिसमें मौत हुई शख्स को अस्पताल से लेकर घर पर पहुंचाना और फिर घर पर रीति रिवाज से अर्थी में सजाकर श्मशान घाट तक लेकर जाने तक का प्रबंध किया जा रहा है। इसके पश्चात हिंदू व अन्य धर्म के रीति रिवाज के अनुसार घर में पाठ करना और 13वीं पर पंडित द्वारा सभी रीति रिवाज को पूरा करना भी इस पैकेज में शामिल है। इस दौरान अस्थियों को हरिद्वार में जाकर प्रवाह करने का भी इंतजाम किया जाता है। यह सारा काम पंडित द्वारा किया जाता है और इस पूरे पैकेज में एक पंडित भी दिया जा रहा है। 

antim sanskar seva

अंतिम सत्य कंपनी ने राजस्थान में कमाया नाम

राजस्थान की एक छोटी सी दुकान से शुरू हुई अंतिम सत्य कंपनी अब काफी बड़ी बनती नजर आ रही है। हर दूसरे दिन इस कंपनी के पास एक दिन से लेकर 13 दिन तक का पूरे पैकेज लिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस कंपनी के पास आने वाले फोन ज्यादातर एनआरआई के ही होते हैं। जिनके रिश्तेदारों की मौत होने के पश्चात अंतिम संस्कार से लेकर सभी रीति-रिवाज को करने तक का ठेका दिया जाता है और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग बनाकर भी एनआरआई को भेजी जा रही है। यह कंपनी इस काम से ही हर महीने लाखों रुपए कमा रही है।

पंडित के सहित रोने के लिए मिलती है महिलाएं

अंतिम सत्य कंपनी द्वारा रीति रिवाज से क्रिया कर्म करवाने के लिए जहां पंडित की ड्यूटी की जा रही है तो वहीं पर घर पर Antim Sanskar के मौके कोई भी रोने वाला नहीं होने के चलते महिलाओं की ड्यूटी भी लगाई जा रही है। हर महिला का एक अपना ही रेट होता है। अगर एक से ज्यादा महिला रोने के लिए चाहिए तो उसका अलग से पैसा लगता है। बताया जा रहा है कि पहले तो इस तरह की कॉन्ट्रैक्ट एनआरआई के आते थे परंतु अब देश में ही अन्य राज्यों में बैठे परिवारिक मेंबर भी बिजनेस के चलते घर नहीं आने के कारण इस कंपनी से काम लिया जा रहा है।

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Rajesh Sachdeva

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