Doaba Canal के पुनर्जीवन ने दोआबा क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को नई मजबूती
चंडीगढ़, 13 मई (ध्रुव)। पंजाब में Bist Doaba Canal के पुनर्जीवन ने दोआबा क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को नई मजबूती दी है। Bhagwant Mann के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा किए गए प्रयासों के चलते वर्ष 2025-26 के दौरान बिस्त दोआब नहरी (Doaba Canal) नेटवर्क के तहत सिंचाई क्षेत्र में 167 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के तहत 1,10,762 एकड़ अतिरिक्त भूमि को नहरी सिंचाई के दायरे में लाया गया है। वहीं लगभग 19,213 एकड़ कृषि भूमि को पहली बार नहरी पानी उपलब्ध हुआ है, जिससे उन किसानों को राहत मिली है जो अब तक भूमिगत जल और बारिश पर निर्भर थे।
दोआबा क्षेत्र को मिला बड़ा लाभ
Doaba की जीवनरेखा मानी जाने वाली इस नहर के पुनरुद्धार से Jalandhar, Kapurthala, Hoshiarpur और Shaheed Bhagat Singh Nagar के कई इलाकों में लंबे समय से बनी पानी की कमी को काफी हद तक दूर किया गया है।
Ropar Headworks से निकलने वाले नहरी नेटवर्क, उसकी शाखाओं, माइनरों और खालों का व्यापक स्तर पर पुनरुद्धार किया गया। इससे पानी वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाया गया है।
Doaba Canal से कई क्षेत्रों में मजबूत हुई सिंचाई व्यवस्था
सरकार के अनुसार, बलाचौर क्षेत्र की Kathgarh Lift Irrigation Scheme को भी इस परियोजना से लाभ मिला है। इसके अलावा बंगा, मुकंदपुर, अपरा, नूरमहल, मलसियां, नकोदर, आदमपुर और कालासंघियां जैसे क्षेत्रों में सिंचाई ढांचे को मजबूत किया गया है। Jalandhar Branch Canal से जुड़े पुनर्जीवित रजवाहों ने अंतिम खेत तक पानी पहुंचाने की क्षमता को और बेहतर बनाया है।
जालंधर शहर को भी मिलेगा फायदा
दोआबा नहर (Doaba Canal) के पुनर्जीवन का असर अब शहरी क्षेत्रों में भी दिखाई देगा। Jalandhar शहर में पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने के लिए जालंधर ब्रांच को अतिरिक्त 150 क्यूसेक पानी आवंटित किया गया है। इससे नगर निगम की भूमिगत जल पर निर्भरता कम होगी और शहर को अधिक टिकाऊ जल आपूर्ति प्रणाली मिल सकेगी।
पंजाब सरकार ने इसे जल संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन, किसानों को मजबूत करने और कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
यह भी पढ़े :- Gangsters से कलाकारों को डरा रही है भाजपा, आप ने लगाया गंभीर आरोप